*कार्रवाई:एक माह तक बंद रहेंगे सदर अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र व उमेश मेडिकल हॉल*

*कार्रवाई:एक माह तक बंद रहेंगे सदर अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र व उमेश मेडिकल हॉल*

-गड़बड़झाला को लेकर ड्रग इंस्पेक्टर ने दोनों दूकान का लाइसेंस एक माह के लिए किया रद्द

-जन औषधि केंद्र में बच्चे को लगाई गई थी जानवर की रेबीज इंजेक्शन

-न्यू उमेश मेडिकल हॉल में फार्मासिस्ट की अनुपलब्धता और दवा का नहीं था ब्यौरा

रिपोर्ट, मो. अंजुम आलम,जमुई (बिहार)

जमुई: सदर अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र और शहर के शास्त्री कॉलोनी स्थित न्यू उमेश मेडिकल हॉल पर ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच में अनियमितता पाए जाने व दवाईओं में गड़बड़झाला मामले में कार्रवाई की गई है। दो काउंटर को एक महीने के लिए लाइसेंस रद्द करते हुए सील कर दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा द्वारा जांच कर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान दवा दुकान में विभाग द्वारा पोस्टर भी चिपकाया गया है। जिसमें कहा गया है कि आगामी एक माह तक दवा दुकानदार शटर बंद रखते हुए अपने व्यापार का संचालन नहीं करेंगे, अगर कोई शिकायत मिलती है तो आगे सख्त कार्रवाई किया जाएगा। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर डॉ.कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि भारतीय जन औषधि केंद्र के कर्मी द्वारा बीते 17 फरवरी को सदर प्रखंड क्षेत्र के पद्मावत निवासी नकुल राम के 8 वर्षीय पुत्र विशाल कुमार को कुत्ता काटने के इलाज के नाम पर पालतू कुत्ता को दी जाने वाली रैबीज की सुई दे दिया गया। साथ ही उससे 160 रुपया भी लिया गया था। उसके बाद सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा के निर्देश पर जन औषधि केंद्र की आवश्यक जांच की गई।हालांकि रेबीज इंजेक्शन मामले में तो कोई साक्ष्य नहीं मिला, लेकिन प्रसव कार्य में उपयोग होने वाले ऑक्सीटॉसिन नामक सुई फ्रिज की जगह रैक पर पड़ा मिला। इसके अलावे खांसी की दवा डीसी फोर्ट एवं चर्म रोग की दवा फ़जि जेल का बिल नहीं मिला, परासीटामोल सहित एक अन्य प्रकार की दवा का रख-रखाव ठीक नहीं था। इसे लेकर उक्त दवा दुकान का लाइसेंस एक महीना के लिए रद्द कर दिया गया है। साथ ही शास्त्री कॉलोनी स्थित न्यू उमेश मेडिकल हॉल में कोडीन युक्त खांसी की सिरप रखने की शिकायत मिलने जांच की गई तो कई दवा का परचेज बिल नहीं मिला और फार्मासिस्ट नहीं था। जिस वजह से कार्रवाई की गई है।

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