केयर इंडिया के कर्मियों द्वारा आशा को दिया गया प्रशिक्षण

रखना है परिवार को खुशहाल तो पहला बच्चा 20 के बाद, बच्चों में 3 साल का अंतराल जरूरी

•आशा दिवस पर आशा को परिवार नियोजन की दी गई जानकारी

•आशा दिवस पर केयर इंडिया के कर्मियों द्वारा आशा को दिया गया प्रशिक्षण

मधुबनी/ 18,फरवरी । जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केयर इंडिया के सहयोग से विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान जनवरी माह से शुरू किया गया है जो मार्च तक चलेगा। विभाग द्वारा केयर इंडिया के सहयोग से पूरे जोर-शोर के साथ तरह-तरह कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक परिवार नियोजन कार्यक्रम की जानकारी पहुँच सके और इच्छुक व योग्य लाभार्थी इस योजना का लाभ ले सकें। इस कड़ी में जिले के रहिका प्रखंड के पीएचसी पर आशा दिवस के दौरान केयर इंडिया द्वारा मौजूद आशा को परिवार नियोजन योजना की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आशा को फील्ड भ्रमण के दौरान 1 बच्चे वाले दंपति से मिलकर बच्चे को 6 माह तक स्तनपान कराने, 6 माह के बाद ऊपरी आहार देने, दो बच्चों में अंतराल से होने वाले लाभ, परिवार नियोजन के अस्थाई एवं अस्थाई साधनों के बारे में जानकारी देना। गर्भवती महिलाओं को गर्भ के दौरान 4 एएनसी जांच, टीटी इंजेक्शन दंपति जिनके बच्चे नहीं हैं उन्हें समझाना कि पहला बच्चा 20 के बाद दूसरे बच्चे में 3 साल का अंतराल आवश्यक है। जिससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे। आदि की जानकारी दी गई।

केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर अमित कुमार विपुल ने बताया परिवार नियोजन को लेकर आशा को लोगों को जागरूक करने के दौरान स्थाई एवं अस्थाई उपायों के साथ-साथ समय अंतराल की भी जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि अगर कोई महिला परिवार नियोजन बंध्याकरण के लिए इच्छुक हैं किन्तु, उनका शरीर बंध्याकरण के लिए सक्षम नहीं है तो ऐसी महिला अस्थाई उपायों को भी अपना सकती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए सरकार द्वारा पीएचसी स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जिसमें कंडोम, छाया, अंतरा, कॉपर – टी समेत अन्य वैकल्पिक साधन शामिल हैं।

स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे के लिए तीन साल का अंतर जरूरी:

विपुल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे के लिए बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर रखना जरूरी है। इसलिए, एक बच्चे के जन्म के तीन साल बाद दूसरे बच्चे की योजना बनाएं। इससे ना सिर्फ स्वस्थ माँ और मजबूत बच्चे होंगे , बल्कि, जच्चा-बच्चा दोनों भविष्य में अनावश्यक शारीरिक परेशानी से दूर रहेंगे। दरअसल, तीन साल का अंतर रखने से माँ तो स्वस्थ रहती ही है, साथ ही बच्चे की भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जिससे दोनों संक्रामक समेत अन्य बीमारियों से भी दूर रहते हैं ।

परिवार नियोजन अपनाने से मजबूत होगा शारीरिक और आर्थिक विकास :

केयर इंडिया के डिटीएल महेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया परिवार नियोजन को अपनाने से ना सिर्फ छोटा और सीमित परिवार होगा, बल्कि, महिलाओं का बेहतर शारीरिक विकास भी संभव होगा. साथ ही इससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी । जिससे आप अपने बच्चों को उचित परवरिश के साथ अच्छी शिक्षा हासिल कराने में समर्थ होंगे। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा और सामाजिक स्तर पर लोग परिवार नियोजन साधनों को अपनाने के प्रति अधिक जागरूक होंगे। उन्होंने बताया सीमित परिवार के कारण बच्चों की उचित परवरिश होती है जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं.

मार्च तक चलेगा परिवार नियोजन अभियान :

“परिवार नियोजन सुरक्षित है” थीम पर जनवरी से शुरू हुआ परिवार नियोजन अभियान मार्च तक चलेगा। इस दौरान अभियान की सफलता को लेकर व्यापक पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। ताकि अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ ले सकें और अभियान सफल हो सके।

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