टीबी कार्यक्रम को लेकर एनआईसी में हुई समीक्षात्मक बैठक, ईडी ने दिया निर्देश

टीबी कार्यक्रम को लेकर एनआईसी में हुई समीक्षात्मक बैठक, ईडी ने दिया निर्देश

– कोविड-19 जांच के साथ अब स्पुटम जांच करने का निर्देश
– जनवरी से दिसंबर तक 2154 मरीज चिह्नित

मधुबनी,18 फरवरी|
जिले को यक्ष्मा मुक्त बनाने के लिए जिला एनआईसी में ईडी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षात्मक बैठक की । बैठक में एनटीईपी (नेशनल ट्यूबक्यूलोसिस एलिमेशन कार्यक्रम) के वर्ष 2020 की समीक्षा की गयी । इसमें एसीएमओ डॉ सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दयाशंकर निधि सम्मिलित हुए। बैठक में प्रत्येक पीएचसी को टीबी नोटिफिकेशन इंप्रूव करने के साथ प्रत्येक मरीज की एचआईवी जांच, डायबिटीज एवं कोविड-19 टेस्ट करने का निर्देश दिया गया। साथ ही बाहर से आए मरीजों को ट्रांसफर इन करने का निर्देश दिया गया| टीबी विभाग के एलटी को कोविड-19 टेस्ट के साथ ही स्पुटम जांच भी करने का निर्देश दिया गया| साथ ही जांच में तेजी लाने का आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जिला में टीबी मरीजों की खोजबीन के साथ ही उन्हें समय पर दवा उपलब्ध कराने को कहा गया।

टीबी मरीजों की पहचान होते ही गृह भ्रमण करें:

ईडी मनोज कुमार ने बताया कि यक्ष्मा रोग एक जटिल रोग है। इसे जल्द से जल्द पहचान कर इलाज शुरू किया जाना चाहिए, ताकि दूसरों व्यक्तियों में यह संक्रमित बीमारी न पहुंचे। वहीं बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया कि यक्ष्मा रोग की पहचान होते ही एसटीएस उसके घर का भ्रमण जरूर करें। गृह भ्रमण के दौरान छह वर्ष तक की उम्र के बच्चों को जेएनएच की गोली देना सुनिश्चित करें। वहीं अगर गृह भ्रमण के दौरान उनके घर के किसी व्यक्ति में भी टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो शीघ्र ही उनके बलगम जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

एमडीआर-टीबी हो सकता है गंभीर, रहें सतर्क:

एमडीआर-टीबी होने पर सामान्य टीबी की कई दवाएं एक साथ प्रतिरोधी हो जाती हैं। टीबी की दवाओं का सही से कोर्स नहीं करने एवं बिना चिकित्सक की सलाह पर टीबी की दवाएं खाने से ही सामान्यता एमडीआर-टीबी होने की संभावना बढ़ जाती है।

जनवरी से दिसंबर तक 2154 मरीज चिह्नित :

जिले में जनवरी 20 से दिसंबर 20 तक कुल 2154 टीबी के मरीज चिह्नित किए गए। जिसमें सदर मधुबनी में 868, पीएचसी पंडौल 148, अनुमंडल अस्पताल झंझारपुर 173, पीएचसी मधेपुर 86,पीएचसी लखनौर 10, पीएचसी घोघरडीहा 48, रेफरल हॉस्पिटल फुलपरास 20, पीएचसी लौकही 35, पीएचसी बाबूबरही 57, पीएचसी अंधराठाढ़ी 22, पीएचसी राजनगर 97, पीएचसी लदनिया 74, पीएचसी खुटौना 41, पीएचसी खजौली 57, पीएचसी कलुआही 17, पीएचसी जयनगर 57, पीएचसी बासोपट्टी 32, पीएचसी हरलाखी 17, पीएससी मधवापुर 46, पीएचसी बिस्फी 91, पीएचसी बेनीपट्टी 158 मरीज को चिह्नित किया गया है। वहीं जनवरी 2021 माह में जिले में 329 मरीज चिह्नित किए गए हैं । सभी मरीजों को आवश्यक जांच के बाद दवा उपलब्ध करायी जा रही है।

निक्षय पोषण योजना के तहत मिलते हैं 500 रुपये:

टीबी के मरीजों को उचित खुराक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना चलायी गयी है। जिसमें टीबी के मरीजों को उचित पोषण के लिए 500 रुपये प्रत्येक महीने दिए जाते हैं। यह राशि उनके खाते में सीधे पहुंचती है। सरकार की मंशा है कि टीबी के मरीजों में 2025 तक 90 प्रतिशत की कमी लायी जा सके।

समीक्षा बैठक में एसीएमओ डॉ सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दयाशंकर निधि मौजूद रहे।

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