कोवैक्सीन-कोविशील्ड का मिक्स डोज कोरोना पर ज्यादा कारगर, ICMR की रिपोर्ट में किया गया दावा कोरोना के खिलाफ बेहतर रिजल्ट

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत को एक और अच्छी खबर मिलती दिख रही है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) द्वारा उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में अनजाने में कोविशील्ड और कोवैक्सिन दोनों खुराक प्राप्त करने वाले 18 लोगों पर किये गये अध्ययन से पता चलता है कि टीकों का एक संयोजन एक ही टीके की दो खुराक की तुलना में बेहतर इम्युनोजेनेसिटी प्राप्त करता है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति ने 29 जून को वैक्सीन की खुराक मिलाने की सिफारिश की थी।  एसईसी ने सिफारिश की है कि क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), वेल्लोर को कोवैक्सिन और कोविशील्ड के मिश्रण पर नैदानिक ​​परीक्षण करने की अनुमति दी जाए।

कोवैक्सीन और कोविशील्ड टीकों की मिश्रित खुराकों पर अध्ययन के परिणाम सुकून देने वाले हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने कहा है कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड की मिक्सिंग और मैचिंग स्टडी में बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं। अध्ययन में इन दोनों वैक्सीन के मिलाने से यह न सिर्फ वायरस के खिलाफ सुरक्षित पाया गया, बल्कि इससे  बेहतर इम्युनोजेनेसिटी भी प्राप्त हुई।

क्या है मकसद
सूत्र की मानें तो अध्ययन का मकसद यह पता लगाना है कि क्या एक शख्स के पूर्ण टीकाकरण के लिए दो अलग-अलग टीकों की खुराकें लगाई जा सकती हैं यानी, एक टीका कोवैक्सीन का लगा दिया जाए और दूसरा टीका कोविशील्ड का लगाया जाए। विशेषज्ञ समूह ने बायोलोजिकल-ई द्वारा पांच से 17 साल के उम्र की आबादी पर अपने कोविड-19 टीके का दूसरे/तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए दिए गए आवेदन पर भी चर्चा की।

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